BHAKTI KI SHAKTI
🐘 भाद्रपद मास, शुक्ल पक्ष चतुर्थी ✓ Completed Vedic Sanatan Guide

Ganesh Chaturthi (Vinayaka Chaturthi)

गणेश चतुर्थी बुद्धि, विवेक, समृद्धि और विघ्न-विनाशक भगवान श्री गणेश के जन्मोत्सव का पावन पर्व है। भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी के मध्याह्न काल में माता पार्वती के उबटन से गणपति जी का प्राकट्य हुआ था। इस दिन भक्त अपने घरों और सार्वजनिक पंडालों में मिट्टी से बनी इको-फ्रेंडली गणेश प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा करते हैं और 10 दिनों तक (अनंत चतुर्दशी तक) नित्य मोदक, दूर्वा और मोदक का भोग लगाकर उनकी सेवा करते हैं।

🕉️ Principal Deity: विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश, रिद्धि-सिद्धि
Festival Date (2026) 14 Sep 2026 • Monday View Day Panchang
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Auspicious Muhurat & Timings for 2026

Calculated as per Vedic Surya Siddhanta and Lahiri Ayanamsha

Main Puja Muhurat

पूर्वाह्न 11:06 से दोपहर 01:34 तक (अवधि: 2 घंटे 28 मिनट)

Most Auspicious Window
Tithi Transition Timing

तिथि विवरण: 14 सितंबर 2026, प्रातः 08:35 बजे से • समाप्ति: 15 सितंबर 2026, प्रातः 06:40 बजे तक

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Step-by-Step Schedule & Ritual Timeline (Hour by Hour)

Detailed sequence from morning to night for rituals, puja, and lighting lamps

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गणपति बप्पा का गृह आगमन

प्रातः 08:00 - 10:30 AM

गाजे-बाजे और "गणपति बप्पा मोरया" के जयकारों के साथ बप्पा की सुंदर प्रतिमा घर लाएं।

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मध्याह्न प्राण-प्रतिष्ठा व षोडशोपचार पूजन

पूर्वाह्न 11:06 - 01:34 PM

चौकी पर लाल वस्त्र बिछाएं। अक्षत की ढेरी पर कलश और गणपति जी की स्थापना करें। पंचामृत स्नान, सिंदूर अर्पण और 21 दूर्वा चढ़ाएं।

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मोदक भोग व महाआरती

दोपहर 01:45 PM

21 मोदक व लड्डू का भोग लगाएं। "जय गणेश जय गणेश देवा" और "सुखकर्ता दुखहर्ता" की आरती गाएं।

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चंद्र दर्शन से बचाव

रात्रि

इस रात चंद्रमा की ओर देखने से बचें। यदि भूलवश दर्शन हो जाए तो स्यमंतक मणि की कथा सुनें।

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Why is this Festival Celebrated?

गणेश चतुर्थी बुद्धि, विवेक, समृद्धि और विघ्न-विनाशक भगवान श्री गणेश के जन्मोत्सव का पावन पर्व है। भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी के मध्याह्न काल में माता पार्वती के उबटन से गणपति जी का प्राकट्य हुआ था। इस दिन भक्त अपने घरों और सार्वजनिक पंडालों में मिट्टी से बनी इको-फ्रेंडली गणेश प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा करते हैं और 10 दिनों तक (अनंत चतुर्दशी तक) नित्य मोदक, दूर्वा और मोदक का भोग लगाकर उनकी सेवा करते हैं।

Significance rooted in Sanatan Dharma
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Pauranik Beliefs & Cultural Traditions

गणपति जी को 21 दूर्वा (घास) की गांठे और 21 मोदक अत्यंत प्रिय हैं। गणेश चतुर्थी की रात चंद्रमा का दर्शन करना वर्जित माना जाता है, क्योंकि इस रात चंद्र दर्शन से मिथ्या कलंक (झूठा आरोप) लगने का भय रहता है।

Preserved through millennia of tradition
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Complete Sacred Mythological Story (Vrat Katha)

Authentic narration from Sacred Puranas and Epics

एक बार माता पार्वती स्नान करने जा रही थीं। उन्होंने अपने शरीर के उबटन से एक बालक की मूर्ति बनाई और उसमें प्राण फूंक दिए। माता ने बालक को द्वार पर पहरा देने और किसी को अंदर न आने देने का आदेश दिया। कुछ देर बाद भगवान शिव आए। बालक ने उन्हें रोका। शिवगणों और बालक में युद्ध हुआ, किंतु बालक पराजित न हुआ। क्रोधित होकर भगवान शिव ने अपने त्रिशूल से बालक का मस्तक काट दिया।

जब माता पार्वती को पता चला, तो वे अत्यंत क्रोधित होकर प्रलय करने लगीं। माता को शांत करने के लिए भगवान शिव ने देवों को उत्तर दिशा में जाकर सबसे पहले मिलने वाले प्राणी का शीश लाने को कहा। देवगण एक गज (हाथी) के बच्चे का शीश लेकर आए। शिवजी ने गज-शीश बालक के धड़ पर लगाकर उसे पुनर्जीवित किया और "गणेश" (गणों का स्वामी) तथा प्रथम पूज्य होने का वरदान दिया।

📖 Reciting or listening to this Katha during puja yields multifold blessings.
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How and Where is it Celebrated? (India & Worldwide)

Regional customs across Indian states and global celebrations by Indian diaspora

🇮🇳 Across Indian States & Regions

महाराष्ट्र (मुंबई के लालबागचा राजा, पुणे के दगडूशेठ हलवाई), गोवा, गुजरात, तेलंगाना (हैदराबाद) और कर्नाटक में यह सबसे बड़ा सार्वजनिक उत्सव है।

🌐 Celebrations Across the Globe (NRI & Diaspora)

मॉरीशस में सार्वजनिक अवकाश होता है। यूके, यूएसए, दुबई और ऑस्ट्रेलिया में विशाल शोभायात्राएं और विसर्जन जुलूस निकाले जाते हैं।

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Puja Samagri Checklist

Tick off items as you prepare for the ritual

5 Items
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Sacred Mantras & Invocations

गणेश मूल मंत्र: "ॐ गं गणपतये नमः॥"
दूर्वा अर्पण मंत्र: "काण्डात्काण्डात्प्ररोहन्ती परुषः परुषस्परि। एवा नो दूर्वे प्रतनु सहस्रेण शतेन च॥"
संकट नाशन गणेश स्तोत्र: "प्रणम्य शिरसा देवं गौरीपुत्रं विनायकम्। भक्तावासं स्मरेन्नित्यमायुःकामार्थसिद्धये॥"
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Rules: Dos and Don'ts

What to Do (अवश्य करें)
  • ✓ मिट्टी की बनी प्राकृतिक इको-फ्रेंडली प्रतिमा ही स्थापित करें
  • ✓ प्रतिदिन सुबह-शाम आरती व मोदक का भोग लगाएं
  • ✓ 21 दूर्वा अवश्य अर्पित करें
What to Avoid (कदापि न करें)
  • ✗ गणेश चतुर्थी की रात चंद्रमा को न देखें
  • ✗ घर में स्थापित बप्पा को कभी अकेला छोड़कर ताला न लगाएं
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Upcoming Dates for Ganesh Chaturthi (Vinayaka Chaturthi) (2026–2030)

Accurate advance calendar for devotees, families and diaspora planning

Year Date Day Tithi Action
2026 14 September 2026 Monday भाद्रपद मास, शुक्ल पक्ष चतुर्थी Panchang
2027 04 September 2027 Saturday भाद्रपद मास, शुक्ल पक्ष चतुर्थी Panchang
2028 24 August 2028 Thursday भाद्रपद मास, शुक्ल पक्ष चतुर्थी Panchang
2029 12 September 2029 Wednesday भाद्रपद मास, शुक्ल पक्ष चतुर्थी Panchang
2030 01 September 2030 Sunday भाद्रपद मास, शुक्ल पक्ष चतुर्थी Panchang

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