Ganesh Chaturthi (Vinayaka Chaturthi)
गणेश चतुर्थी बुद्धि, विवेक, समृद्धि और विघ्न-विनाशक भगवान श्री गणेश के जन्मोत्सव का पावन पर्व है। भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी के मध्याह्न काल में माता पार्वती के उबटन से गणपति जी का प्राकट्य हुआ था। इस दिन भक्त अपने घरों और सार्वजनिक पंडालों में मिट्टी से बनी इको-फ्रेंडली गणेश प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा करते हैं और 10 दिनों तक (अनंत चतुर्दशी तक) नित्य मोदक, दूर्वा और मोदक का भोग लगाकर उनकी सेवा करते हैं।
Auspicious Muhurat & Timings for 2026
Calculated as per Vedic Surya Siddhanta and Lahiri Ayanamsha
पूर्वाह्न 11:06 से दोपहर 01:34 तक (अवधि: 2 घंटे 28 मिनट)
Most Auspicious Windowतिथि विवरण: 14 सितंबर 2026, प्रातः 08:35 बजे से • समाप्ति: 15 सितंबर 2026, प्रातः 06:40 बजे तक
Step-by-Step Schedule & Ritual Timeline (Hour by Hour)
Detailed sequence from morning to night for rituals, puja, and lighting lamps
गणपति बप्पा का गृह आगमन
प्रातः 08:00 - 10:30 AMगाजे-बाजे और "गणपति बप्पा मोरया" के जयकारों के साथ बप्पा की सुंदर प्रतिमा घर लाएं।
मध्याह्न प्राण-प्रतिष्ठा व षोडशोपचार पूजन
पूर्वाह्न 11:06 - 01:34 PMचौकी पर लाल वस्त्र बिछाएं। अक्षत की ढेरी पर कलश और गणपति जी की स्थापना करें। पंचामृत स्नान, सिंदूर अर्पण और 21 दूर्वा चढ़ाएं।
मोदक भोग व महाआरती
दोपहर 01:45 PM21 मोदक व लड्डू का भोग लगाएं। "जय गणेश जय गणेश देवा" और "सुखकर्ता दुखहर्ता" की आरती गाएं।
चंद्र दर्शन से बचाव
रात्रिइस रात चंद्रमा की ओर देखने से बचें। यदि भूलवश दर्शन हो जाए तो स्यमंतक मणि की कथा सुनें।
Why is this Festival Celebrated?
गणेश चतुर्थी बुद्धि, विवेक, समृद्धि और विघ्न-विनाशक भगवान श्री गणेश के जन्मोत्सव का पावन पर्व है। भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी के मध्याह्न काल में माता पार्वती के उबटन से गणपति जी का प्राकट्य हुआ था। इस दिन भक्त अपने घरों और सार्वजनिक पंडालों में मिट्टी से बनी इको-फ्रेंडली गणेश प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा करते हैं और 10 दिनों तक (अनंत चतुर्दशी तक) नित्य मोदक, दूर्वा और मोदक का भोग लगाकर उनकी सेवा करते हैं।
Pauranik Beliefs & Cultural Traditions
गणपति जी को 21 दूर्वा (घास) की गांठे और 21 मोदक अत्यंत प्रिय हैं। गणेश चतुर्थी की रात चंद्रमा का दर्शन करना वर्जित माना जाता है, क्योंकि इस रात चंद्र दर्शन से मिथ्या कलंक (झूठा आरोप) लगने का भय रहता है।
Complete Sacred Mythological Story (Vrat Katha)
Authentic narration from Sacred Puranas and Epics
एक बार माता पार्वती स्नान करने जा रही थीं। उन्होंने अपने शरीर के उबटन से एक बालक की मूर्ति बनाई और उसमें प्राण फूंक दिए। माता ने बालक को द्वार पर पहरा देने और किसी को अंदर न आने देने का आदेश दिया। कुछ देर बाद भगवान शिव आए। बालक ने उन्हें रोका। शिवगणों और बालक में युद्ध हुआ, किंतु बालक पराजित न हुआ। क्रोधित होकर भगवान शिव ने अपने त्रिशूल से बालक का मस्तक काट दिया।
जब माता पार्वती को पता चला, तो वे अत्यंत क्रोधित होकर प्रलय करने लगीं। माता को शांत करने के लिए भगवान शिव ने देवों को उत्तर दिशा में जाकर सबसे पहले मिलने वाले प्राणी का शीश लाने को कहा। देवगण एक गज (हाथी) के बच्चे का शीश लेकर आए। शिवजी ने गज-शीश बालक के धड़ पर लगाकर उसे पुनर्जीवित किया और "गणेश" (गणों का स्वामी) तथा प्रथम पूज्य होने का वरदान दिया।
How and Where is it Celebrated? (India & Worldwide)
Regional customs across Indian states and global celebrations by Indian diaspora
महाराष्ट्र (मुंबई के लालबागचा राजा, पुणे के दगडूशेठ हलवाई), गोवा, गुजरात, तेलंगाना (हैदराबाद) और कर्नाटक में यह सबसे बड़ा सार्वजनिक उत्सव है।
मॉरीशस में सार्वजनिक अवकाश होता है। यूके, यूएसए, दुबई और ऑस्ट्रेलिया में विशाल शोभायात्राएं और विसर्जन जुलूस निकाले जाते हैं।
Puja Samagri Checklist
Tick off items as you prepare for the ritual
Sacred Mantras & Invocations
Rules: Dos and Don'ts
- ✓ मिट्टी की बनी प्राकृतिक इको-फ्रेंडली प्रतिमा ही स्थापित करें
- ✓ प्रतिदिन सुबह-शाम आरती व मोदक का भोग लगाएं
- ✓ 21 दूर्वा अवश्य अर्पित करें
- ✗ गणेश चतुर्थी की रात चंद्रमा को न देखें
- ✗ घर में स्थापित बप्पा को कभी अकेला छोड़कर ताला न लगाएं
Upcoming Dates for Ganesh Chaturthi (Vinayaka Chaturthi) (2026–2030)
Accurate advance calendar for devotees, families and diaspora planning
| Year | Date | Day | Tithi | Action |
|---|---|---|---|---|
| 2026 | 14 September 2026 | Monday | भाद्रपद मास, शुक्ल पक्ष चतुर्थी | Panchang |
| 2027 | 04 September 2027 | Saturday | भाद्रपद मास, शुक्ल पक्ष चतुर्थी | Panchang |
| 2028 | 24 August 2028 | Thursday | भाद्रपद मास, शुक्ल पक्ष चतुर्थी | Panchang |
| 2029 | 12 September 2029 | Wednesday | भाद्रपद मास, शुक्ल पक्ष चतुर्थी | Panchang |
| 2030 | 01 September 2030 | Sunday | भाद्रपद मास, शुक्ल पक्ष चतुर्थी | Panchang |
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