Narak Chaturdashi / Choti Diwali
नरक चतुर्दशी को छोटी दिवाली, रूप चौदस और भूत चतुर्दशी भी कहते हैं। इस दिन भगवान श्री कृष्ण ने अपनी पत्नी सत्यभामा के सहयोग से अत्याचारी असुर नरकासुर का वध किया था और उसके कारागार से 16,100 कन्याओं को मुक्त कराकर उन्हें समाज में सम्मानजनक स्थान दिलाया था। साथ ही इस दिन सूर्योदय से पूर्व तिल के तेल का उबटन लगाकर स्नान (अभ्यंग स्नान) करने से रूप-सौंदर्य की वृद्धि और नरक के कष्टों से मुक्ति मिलती है।
Auspicious Muhurat & Timings for 2026
Calculated as per Vedic Surya Siddhanta and Lahiri Ayanamsha
शाम 05:41 से रात 07:15 तक
Most Auspicious Windowतिथि विवरण: 07 नवंबर 2026, दोपहर 02:28 बजे से • समाप्ति: 08 नवंबर 2026, दोपहर 12:44 बजे तक
Step-by-Step Schedule & Ritual Timeline (Hour by Hour)
Detailed sequence from morning to night for rituals, puja, and lighting lamps
अभ्यंग स्नान (उबटन व तिल तेल)
प्रातः 05:14 - 06:36 AMसूर्योदय से पूर्व शरीर पर तिल का तेल व बेसन-हल्दी का उबटन लगाएं। अपामार्ग (चिरचिरा) की पत्तियां सिर पर घुमाकर गंगाजल मिश्रित जल से स्नान करें।
श्री कृष्ण व हनुमान पूजन
प्रातः 07:00 - 08:30 AMभगवान श्री कृष्ण और महावीर हनुमान जी का पूजन करें। सिंदूर, चमेली का तेल और बूंदी के लड्डू अर्पित कर हनुमान चालीसा का पाठ करें।
घर की अंतिम सफाई व रंगोली
दोपहर 01:00 - 03:00 PMघर से सारा कबाड़ बाहर निकालें। द्वार पर रंगोली सजाएं और महालक्ष्मी के आगमन हेतु घर को स्वच्छ करें।
14 दीपकों का यम दीपदान
शाम 05:41 - 07:15 PMघर के अलग-अलग हिस्सों (मुख्य द्वार, नाली, तुलसी, रसोई, छत, कूड़ेदान) में 14 दीपक जलाएं, जिससे समस्त नकारात्मक ऊर्जा व दरिद्रता का नाश हो।
Why is this Festival Celebrated?
नरक चतुर्दशी को छोटी दिवाली, रूप चौदस और भूत चतुर्दशी भी कहते हैं। इस दिन भगवान श्री कृष्ण ने अपनी पत्नी सत्यभामा के सहयोग से अत्याचारी असुर नरकासुर का वध किया था और उसके कारागार से 16,100 कन्याओं को मुक्त कराकर उन्हें समाज में सम्मानजनक स्थान दिलाया था। साथ ही इस दिन सूर्योदय से पूर्व तिल के तेल का उबटन लगाकर स्नान (अभ्यंग स्नान) करने से रूप-सौंदर्य की वृद्धि और नरक के कष्टों से मुक्ति मिलती है।
Pauranik Beliefs & Cultural Traditions
मान्यता है कि चतुर्दशी के दिन तेल में माता लक्ष्मी और जल में मां गंगा का वास होता है। इसलिए सूर्योदय पूर्व अभ्यंग स्नान करने से पापों का क्षय होता है। सायंकाल यमराज के निमित्त घर के मुख्य द्वार व कोनों में 14 दीपक जलाए जाते हैं। इस दिन हनुमान जयंती भी कई क्षेत्रों में मनाई जाती है क्योंकि वाल्मीकि रामायण अनुसार इसी दिन हनुमान जी का जन्म हुआ था।
Complete Sacred Mythological Story (Vrat Katha)
Authentic narration from Sacred Puranas and Epics
प्राग्ज्योतिषपुर का राजा नरकासुर ब्रह्मा जी के वरदान से अत्यंत शक्तिशाली हो गया था। उसने तीनों लोकों में हाहाकार मचा दिया, देवराज इंद्र का ऐरावत हाथी और वरुण देव का छत्र छीन लिया तथा 16,100 स्त्रियों को बंदी बना लिया। नरकासुर को यह वरदान था कि उसका वध केवल एक स्त्री के हाथों हो सकता है।
भगवान श्री कृष्ण ने अपनी पत्नी सत्यभामा को सारथी बनाकर नरकासुर पर आक्रमण किया। देवी सत्यभामा ने अपने दिव्य बाणों से नरकासुर का वध कर दिया। मरते समय नरकासुर ने प्रार्थना की कि आज के दिन जो भी व्यक्ति सूर्योदय से पूर्व तेल स्नान करेगा और दीप जलाएगा, उसे नरक की यातना नहीं भोगनी पड़ेगी। प्रभु ने यह वरदान स्वीकार किया।
How and Where is it Celebrated? (India & Worldwide)
Regional customs across Indian states and global celebrations by Indian diaspora
दक्षिण भारत (तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश) में यही मुख्य दीपावली होती है, जहां सुबह 4 बजे तेल स्नान कर नए वस्त्र और पटाखे जलाए जाते हैं। महाराष्ट्र में नरक चतुर्दशी पर सुगंधित उबटन (उतना) स्नान बहुत प्रसिद्ध है। उत्तर भारत में शाम को 14 दीपक जलाकर छोटी दिवाली मनाई जाती है।
नेपाल, मॉरीशस, फिजी व सिंगापुर में दक्षिण और उत्तर भारतीय समुदाय अपनी-अपनी परंपरा अनुसार अभ्यंग स्नान और दीपदान करते हैं।
Puja Samagri Checklist
Tick off items as you prepare for the ritual
Sacred Mantras & Invocations
Rules: Dos and Don'ts
- ✓ सूर्योदय से पूर्व अभ्यंग स्नान अवश्य करें
- ✓ 14 दीपक प्रज्वलित करें
- ✓ हनुमान जी की उपासना करें
- ✗ सूर्योदय के बाद देर तक न सोएं
- ✗ घर में किसी कोने में अंधेरा न रहने दें
Upcoming Dates for Narak Chaturdashi / Choti Diwali (2026–2030)
Accurate advance calendar for devotees, families and diaspora planning
| Year | Date | Day | Tithi | Action |
|---|---|---|---|---|
| 2026 | 07 November 2026 | Saturday | कार्तिक मास, कृष्ण पक्ष चतुर्दशी | Panchang |
| 2027 | 28 October 2027 | Thursday | कार्तिक मास, कृष्ण पक्ष चतुर्दशी | Panchang |
| 2028 | 16 October 2028 | Monday | कार्तिक मास, कृष्ण पक्ष चतुर्दशी | Panchang |
| 2029 | 04 November 2029 | Sunday | कार्तिक मास, कृष्ण पक्ष चतुर्दशी | Panchang |
| 2030 | 25 October 2030 | Friday | कार्तिक मास, कृष्ण पक्ष चतुर्दशी | Panchang |
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