BHAKTI KI SHAKTI
🪔 कार्तिक मास, कृष्ण पक्ष चतुर्दशी ⏳ In 11 Days Vedic Sanatan Guide

Narak Chaturdashi / Choti Diwali

नरक चतुर्दशी को छोटी दिवाली, रूप चौदस और भूत चतुर्दशी भी कहते हैं। इस दिन भगवान श्री कृष्ण ने अपनी पत्नी सत्यभामा के सहयोग से अत्याचारी असुर नरकासुर का वध किया था और उसके कारागार से 16,100 कन्याओं को मुक्त कराकर उन्हें समाज में सम्मानजनक स्थान दिलाया था। साथ ही इस दिन सूर्योदय से पूर्व तिल के तेल का उबटन लगाकर स्नान (अभ्यंग स्नान) करने से रूप-सौंदर्य की वृद्धि और नरक के कष्टों से मुक्ति मिलती है।

🕉️ Principal Deity: भगवान श्री कृष्ण, माता सत्यभामा, यमराज, श्री हनुमान
Festival Date (2026) 07 Nov 2026 • Saturday View Day Panchang
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Auspicious Muhurat & Timings for 2026

Calculated as per Vedic Surya Siddhanta and Lahiri Ayanamsha

Main Puja Muhurat

शाम 05:41 से रात 07:15 तक

Most Auspicious Window
Tithi Transition Timing

तिथि विवरण: 07 नवंबर 2026, दोपहर 02:28 बजे से • समाप्ति: 08 नवंबर 2026, दोपहर 12:44 बजे तक

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Step-by-Step Schedule & Ritual Timeline (Hour by Hour)

Detailed sequence from morning to night for rituals, puja, and lighting lamps

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अभ्यंग स्नान (उबटन व तिल तेल)

प्रातः 05:14 - 06:36 AM

सूर्योदय से पूर्व शरीर पर तिल का तेल व बेसन-हल्दी का उबटन लगाएं। अपामार्ग (चिरचिरा) की पत्तियां सिर पर घुमाकर गंगाजल मिश्रित जल से स्नान करें।

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श्री कृष्ण व हनुमान पूजन

प्रातः 07:00 - 08:30 AM

भगवान श्री कृष्ण और महावीर हनुमान जी का पूजन करें। सिंदूर, चमेली का तेल और बूंदी के लड्डू अर्पित कर हनुमान चालीसा का पाठ करें।

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घर की अंतिम सफाई व रंगोली

दोपहर 01:00 - 03:00 PM

घर से सारा कबाड़ बाहर निकालें। द्वार पर रंगोली सजाएं और महालक्ष्मी के आगमन हेतु घर को स्वच्छ करें।

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14 दीपकों का यम दीपदान

शाम 05:41 - 07:15 PM

घर के अलग-अलग हिस्सों (मुख्य द्वार, नाली, तुलसी, रसोई, छत, कूड़ेदान) में 14 दीपक जलाएं, जिससे समस्त नकारात्मक ऊर्जा व दरिद्रता का नाश हो।

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Why is this Festival Celebrated?

नरक चतुर्दशी को छोटी दिवाली, रूप चौदस और भूत चतुर्दशी भी कहते हैं। इस दिन भगवान श्री कृष्ण ने अपनी पत्नी सत्यभामा के सहयोग से अत्याचारी असुर नरकासुर का वध किया था और उसके कारागार से 16,100 कन्याओं को मुक्त कराकर उन्हें समाज में सम्मानजनक स्थान दिलाया था। साथ ही इस दिन सूर्योदय से पूर्व तिल के तेल का उबटन लगाकर स्नान (अभ्यंग स्नान) करने से रूप-सौंदर्य की वृद्धि और नरक के कष्टों से मुक्ति मिलती है।

Significance rooted in Sanatan Dharma
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Pauranik Beliefs & Cultural Traditions

मान्यता है कि चतुर्दशी के दिन तेल में माता लक्ष्मी और जल में मां गंगा का वास होता है। इसलिए सूर्योदय पूर्व अभ्यंग स्नान करने से पापों का क्षय होता है। सायंकाल यमराज के निमित्त घर के मुख्य द्वार व कोनों में 14 दीपक जलाए जाते हैं। इस दिन हनुमान जयंती भी कई क्षेत्रों में मनाई जाती है क्योंकि वाल्मीकि रामायण अनुसार इसी दिन हनुमान जी का जन्म हुआ था।

Preserved through millennia of tradition
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Complete Sacred Mythological Story (Vrat Katha)

Authentic narration from Sacred Puranas and Epics

प्राग्ज्योतिषपुर का राजा नरकासुर ब्रह्मा जी के वरदान से अत्यंत शक्तिशाली हो गया था। उसने तीनों लोकों में हाहाकार मचा दिया, देवराज इंद्र का ऐरावत हाथी और वरुण देव का छत्र छीन लिया तथा 16,100 स्त्रियों को बंदी बना लिया। नरकासुर को यह वरदान था कि उसका वध केवल एक स्त्री के हाथों हो सकता है।

भगवान श्री कृष्ण ने अपनी पत्नी सत्यभामा को सारथी बनाकर नरकासुर पर आक्रमण किया। देवी सत्यभामा ने अपने दिव्य बाणों से नरकासुर का वध कर दिया। मरते समय नरकासुर ने प्रार्थना की कि आज के दिन जो भी व्यक्ति सूर्योदय से पूर्व तेल स्नान करेगा और दीप जलाएगा, उसे नरक की यातना नहीं भोगनी पड़ेगी। प्रभु ने यह वरदान स्वीकार किया।

📖 Reciting or listening to this Katha during puja yields multifold blessings.
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How and Where is it Celebrated? (India & Worldwide)

Regional customs across Indian states and global celebrations by Indian diaspora

🇮🇳 Across Indian States & Regions

दक्षिण भारत (तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश) में यही मुख्य दीपावली होती है, जहां सुबह 4 बजे तेल स्नान कर नए वस्त्र और पटाखे जलाए जाते हैं। महाराष्ट्र में नरक चतुर्दशी पर सुगंधित उबटन (उतना) स्नान बहुत प्रसिद्ध है। उत्तर भारत में शाम को 14 दीपक जलाकर छोटी दिवाली मनाई जाती है।

🌐 Celebrations Across the Globe (NRI & Diaspora)

नेपाल, मॉरीशस, फिजी व सिंगापुर में दक्षिण और उत्तर भारतीय समुदाय अपनी-अपनी परंपरा अनुसार अभ्यंग स्नान और दीपदान करते हैं।

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Puja Samagri Checklist

Tick off items as you prepare for the ritual

4 Items
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Sacred Mantras & Invocations

अभ्यंग स्नान मंत्र: "अश्वत्थामा बलिव्र्यासो हनुमांश्च विभीषणः। कृपः परशुरामश्च सप्तैते चिरजीविनः॥"
यम तर्पण मंत्र: "यमराजाय नमः, धर्मराजाय नमः॥"
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Rules: Dos and Don'ts

What to Do (अवश्य करें)
  • ✓ सूर्योदय से पूर्व अभ्यंग स्नान अवश्य करें
  • ✓ 14 दीपक प्रज्वलित करें
  • ✓ हनुमान जी की उपासना करें
What to Avoid (कदापि न करें)
  • ✗ सूर्योदय के बाद देर तक न सोएं
  • ✗ घर में किसी कोने में अंधेरा न रहने दें
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Upcoming Dates for Narak Chaturdashi / Choti Diwali (2026–2030)

Accurate advance calendar for devotees, families and diaspora planning

Year Date Day Tithi Action
2026 07 November 2026 Saturday कार्तिक मास, कृष्ण पक्ष चतुर्दशी Panchang
2027 28 October 2027 Thursday कार्तिक मास, कृष्ण पक्ष चतुर्दशी Panchang
2028 16 October 2028 Monday कार्तिक मास, कृष्ण पक्ष चतुर्दशी Panchang
2029 04 November 2029 Sunday कार्तिक मास, कृष्ण पक्ष चतुर्दशी Panchang
2030 25 October 2030 Friday कार्तिक मास, कृष्ण पक्ष चतुर्दशी Panchang

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