BHAKTI KI SHAKTI
🎨 फाल्गुन पूर्णिमा (दहन) व चैत्र कृष्ण प्रतिपदा (रंग) ✓ Completed Vedic Sanatan Guide

Holi Festival of Colors (Holika Dahan)

होली सनातन धर्म का उल्लास, सामाजिक समरसता और प्रेम का रंगबिरंगा वसंतोत्सव है। यह बुराई, अहंकार और अधर्म पर भक्ति, सत्य और धर्म की विजय का पर्व है। फाल्गुन पूर्णिमा की रात होलिका दहन में अहंकार और नकारात्मकता की आहुति दी जाती है, और अगले दिन चैत्र प्रतिपदा को रंग-गुलाल से एक-दूसरे को रंगकर सारे गिले-शिकवे मिटाए जाते हैं। ब्रज में इसे राधा-कृष्ण के अलौकिक प्रेम के रूप में मनाया जाता है।

🕉️ Principal Deity: भगवान श्री नृसिंह, भक्त प्रह्लाद, राधा-कृष्ण
Festival Date (2026) 03 Mar 2026 • Tuesday View Day Panchang
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Auspicious Muhurat & Timings for 2026

Calculated as per Vedic Surya Siddhanta and Lahiri Ayanamsha

Tithi Transition Timing

तिथि विवरण: होलिका दहन: 03 मार्च 2026 | रंगोत्सव (धुलेंडी): 04 मार्च 2026

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Step-by-Step Schedule & Ritual Timeline (Hour by Hour)

Detailed sequence from morning to night for rituals, puja, and lighting lamps

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होलिका निर्माण व पूजन

फाल्गुन पूर्णिमा दोपहर

सूखी लकड़ी, गोबर के उपले (बड़कूले) से होलिका सजाएं। रोली, पुष्प, कच्चा सूत लपेटकर सात बार परिक्रमा करें।

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शुभ मुहूर्त में होलिका दहन

शाम 06:22 - 08:50 PM

भद्रा समाप्त होने पर होलिका प्रज्वलित करें। नई फसल (गेहूं की बाली) भूनें और नारियल अर्पित करें।

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होलिका भस्म तिलक व पूजा

अगले दिन प्रातः 07:00 AM

होलिका की पवित्र राख को माथे पर लगाएं। भगवान श्री कृष्ण व राधा रानी को गुलाल अर्पित करें।

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रंगोत्सव, गुलाल व मिलन

पूर्वाह्न 09:00 - दोपहर 02:00 PM

पारिवारिक जनों व मित्रों के साथ प्राकृतिक अबीर-गुलाल खेलें। गुजिया, ठंडाई और मठरी का आनंद लें।

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Why is this Festival Celebrated?

होली सनातन धर्म का उल्लास, सामाजिक समरसता और प्रेम का रंगबिरंगा वसंतोत्सव है। यह बुराई, अहंकार और अधर्म पर भक्ति, सत्य और धर्म की विजय का पर्व है। फाल्गुन पूर्णिमा की रात होलिका दहन में अहंकार और नकारात्मकता की आहुति दी जाती है, और अगले दिन चैत्र प्रतिपदा को रंग-गुलाल से एक-दूसरे को रंगकर सारे गिले-शिकवे मिटाए जाते हैं। ब्रज में इसे राधा-कृष्ण के अलौकिक प्रेम के रूप में मनाया जाता है।

Significance rooted in Sanatan Dharma
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Pauranik Beliefs & Cultural Traditions

होलिका दहन की अग्नि में नई फसल की बालियां (गेहूं, चना) भूनकर प्रसाद के रूप में ग्रहण करने से आरोग्य लाभ होता है। होलिका की पवित्र भस्म को घर लाने से बुरी नजर और नकारात्मक शक्तियों से सुरक्षा मिलती है। ब्रज में लट्ठमार होली, फूलों की होली और लड्डू होली की वैश्विक ख्याति है।

Preserved through millennia of tradition
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Complete Sacred Mythological Story (Vrat Katha)

Authentic narration from Sacred Puranas and Epics

असुरराज हिरण्यकशिपु स्वयं को ईश्वर मानता था और अपनी प्रजा को भगवान विष्णु की पूजा करने से रोकता था। उसका पुत्र प्रह्लाद भगवान नारायण का अनन्य भक्त निकला। हिरण्यकशिपु ने प्रह्लाद को मारने के अनेक प्रयास किए — पहाड़ से गिराया, विष दिया, हाथियों से कुचलवाया, किंतु प्रभु कृपा से प्रह्लाद का बाल भी बांका न हुआ।

अंत में हिरण्यकशिपु की बहन होलिका, जिसे अग्नि में न जलने का वरदान प्राप्त था, प्रह्लाद को अपनी गोद में लेकर धधकती चिता में बैठ गई। भगवान नारायण के स्मरण से वरदान का उल्टा प्रभाव हुआ — होलिका जलकर भस्म हो गई और भक्त प्रह्लाद सकुशल बाहर निकल आए। उसी दिन से होलिका दहन की परंपरा चली आ रही है।

📖 Reciting or listening to this Katha during puja yields multifold blessings.
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How and Where is it Celebrated? (India & Worldwide)

Regional customs across Indian states and global celebrations by Indian diaspora

🇮🇳 Across Indian States & Regions

बरसाना और नंदगांव की लट्ठमार होली, मथुरा-वृंदावन का बांके बिहारी मंदिर, काशी का मणिकर्णिका भस्म उत्सव, पंजाब का होला मोहल्ला और बंगाल का दोल जात्रा विशेष प्रसिद्ध हैं।

🌐 Celebrations Across the Globe (NRI & Diaspora)

नेपाल में फागु पूर्णिमा, यूके, यूएसए, ऑस्ट्रेलिया और स्पेन के विश्वविद्यालयों में "फेस्टिवल ऑफ कलर्स" के नाम से लाखों लोग उत्साहपूर्वक मनाते हैं।

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Puja Samagri Checklist

Tick off items as you prepare for the ritual

5 Items
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Sacred Mantras & Invocations

होलिका दहन मंत्र: "अहकूटा भयत्रस्तैः कृता त्वं होलि बालिशैः। अतस्वां पूजयिष्यामि भूते भूतिप्रदा भव॥"
नृसिंह मंत्र: "ॐ उग्रं वीरं महाविष्णुं ज्वलन्तं सर्वतोमुखम्। नृसिंहं भीषणं भद्रं मृत्युमृत्युं नमाम्यहम्॥"
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Rules: Dos and Don'ts

What to Do (अवश्य करें)
  • ✓ भद्रा काल समाप्त होने के बाद ही होलिका दहन करें
  • ✓ होलिका की भस्म को घर लाएं
  • ✓ प्राकृतिक हर्बल रंगों का प्रयोग करें
What to Avoid (कदापि न करें)
  • ✗ नवजात शिशु व गर्भवती स्त्रियां होलिका दहन के अति निकट न जाएं
  • ✗ रासायनिक व पक्के पेंट वाले हानिकारक रंगों का प्रयोग न करें
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Upcoming Dates for Holi Festival of Colors (Holika Dahan) (2026–2030)

Accurate advance calendar for devotees, families and diaspora planning

Year Date Day Tithi Action
2026 03 March 2026 Tuesday फाल्गुन पूर्णिमा (दहन) व चैत्र कृष्ण प्रतिपदा (रंग) Panchang
2027 21 March 2027 Sunday फाल्गुन पूर्णिमा (दहन) व चैत्र कृष्ण प्रतिपदा (रंग) Panchang
2028 11 March 2028 Saturday फाल्गुन पूर्णिमा (दहन) व चैत्र कृष्ण प्रतिपदा (रंग) Panchang
2029 28 February 2029 Wednesday फाल्गुन पूर्णिमा (दहन) व चैत्र कृष्ण प्रतिपदा (रंग) Panchang
2030 19 March 2030 Tuesday फाल्गुन पूर्णिमा (दहन) व चैत्र कृष्ण प्रतिपदा (रंग) Panchang

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