BHAKTI KI SHAKTI
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✨ 32+ नित्य वंदनीय आरतियां शुद्ध हिंदी व विधि

सम्पूर्ण आरती संग्रह

सनातन हिंदू धर्म के सभी प्रमुख देवी-देवताओं की नित्य वंदनीय आरतियों का प्रामाणिक संग्रह। शुद्ध भावार्थ, आरती विधि व चमत्कारी लाभ सहित।

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🐘 ⏰ प्रातः व सांध्य वंदना, बुधवार, संकष्टी व विनायक चतुर्थी

श्री गणेश जी की आरती

जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा। माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥

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🔱 ⏰ सोमवार, प्रदोष काल, महाशिवरात्रि, सावन सोमवार

श्री शिव जी की आरती (ॐ जय शिव ओंकारा)

ॐ जय शिव ओंकारा, स्वामी हर ॐ जय शिव ओंकारा। ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धाङ्गी धारा॥ ॐ जय शिव ओंकारा॥

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🚩 ⏰ मंगलवार, शनिवार, हनुमान जयंती, संकट के समय

श्री हनुमान जी की आरती (आरती कीजै हनुमान लला की)

आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की॥

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🦁 ⏰ नवरात्रि, शुक्रवार, दुर्गाष्टमी, संध्या आरती

श्री दुर्गा जी की आरती (जय अम्बे गौरी)

जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी। तुमको निशिदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवरी॥ ॐ जय अम्बे गौरी॥

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🪷 ⏰ दीपावली, शुक्रवार, धनतेरस, शरद पूर्णिमा, संध्या काल

श्री लक्ष्मी जी की आरती (ॐ जय लक्ष्मी माता)

ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता। तुमको निशिदिन सेवत, हर विष्णु विधाता॥ ॐ जय लक्ष्मी माता॥

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☀️ ⏰ गुरुवार, एकादशी, सत्यनारायण कथा, पूर्णिमा

श्री विष्णु जी की आरती (ॐ जय जगदीश हरे)

ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे। भक्त जनों के संकट, दास जनों के संकट, क्षण में दूर करे॥ ॐ जय जगदीश हरे॥

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🦚 ⏰ जन्माष्टमी, बुधवार, एकादशी, संध्या वंदना

श्री कृष्ण जी की आरती (आरती कुंजबिहारी की)

आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की॥

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🏹 ⏰ रामनवमी, मंगलवार, रविवार, संध्या वंदना

श्री राम जी की आरती (श्री रामचंद्र कृपालु भजु मन)

श्री रामचंद्र कृपालु भजु मन हरण भवभय दारुणं। नवकंज लोचन कंज मुख कर कंज पद कंजारुणं॥

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🪕 ⏰ बसंत पंचमी, गुरुवार, परीक्षा पूर्व, प्रातः काल

श्री सरस्वती जी की आरती (जय सरस्वती माता)

जय सरस्वती माता, मैया जय सरस्वती माता। सद्गुण वैभव शालिनी, त्रिभुवन विख्याता॥ ॐ जय सरस्वती माता॥

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🪐 ⏰ शनिवार, शनि जयंती, संध्या काल

श्री शनि देव की आरती (जय जय श्री शनिदेव)

जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी। सूरज के पुत्र प्रभु छाया महतारी॥

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🪔 ⏰ प्रातः सूर्योदय, गायत्री जयंती, रविवार

श्री गायत्री माता की आरती (जयति जय गायत्री माता)

जयति जय गायत्री माता, जयति जय गायत्री माता। सत् मारग पर हमें चलाओ, जो है सुखदाता॥

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☀️ ⏰ रविवार, प्रातः सूर्योदय, छठ पूजा, मकर संक्रांति

श्री सूर्य देव की आरती (जय कश्यप नंदन)

जय कश्यप-नंदन, ॐ जय अदिति नंदन। त्रिभुवन तिमिर निकंदन, भक्त हृदय चन्दन॥ ॐ जय कश्यप नंदन॥

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🌸 ⏰ गुरुवार, प्रातः व संध्या काकड़ आरती

श्री साईं बाबा की आरती (आरती श्री साईं गुरुवर की)

आरती श्री साईं गुरुवर की, परमानंद सदा सुरवर की॥

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🌊 ⏰ चेटी चंड, शुक्रवार, नए व्यापार के शुभारंभ पर

श्री झूलेलाल जी की आरती (ॐ जय दूलह देवा)

ॐ जय दूलह देवा, साईं जय दूलह देवा। पूजा कनि था सिंधी, ज्योति वारी सेवा॥ ॐ जय दूलह देवा॥

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🏔️ ⏰ हरतालिका तीज, करवा चौथ, सोमवार, सावन

श्री पार्वती जी की आरती (जय पार्वती माता)

जय पार्वती माता, मैया जय पार्वती माता। ब्रह्म सनातन देवी, शुभ फल की दाता॥ ॐ जय पार्वती माता॥

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🏹 ⏰ जानकी नवमी, विवाह पंचमी, मंगलवार

श्री सीता जी की आरती (आरती श्री जनक दुलारी की)

आरती श्री जनक दुलारी की, सीता जी रघुवर प्यारी की॥

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⚙️ ⏰ विश्वकर्मा पूजा (17 सितंबर), गुरुवार

श्री विश्वकर्मा जी की आरती (ॐ जय श्री विश्वकर्मा)

ॐ जय श्री विश्वकर्मा, प्रभु जय श्री विश्वकर्मा। सकल सृष्टि के कर्ता, रक्षक सर्वधर्मा॥ ॐ जय श्री विश्वकर्मा॥

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💰 ⏰ धनतेरस, दीपावली, शरद पूर्णिमा, शुक्रवार

श्री कुबेर जी की आरती (ॐ जय यक्ष कुबेर हरे)

ॐ जय यक्ष कुबेर हरे, स्वामी जय यक्ष कुबेर हरे। धन संपति के दाता, संकट दूर करे॥ ॐ जय यक्ष कुबेर हरे॥

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🌿 ⏰ धनतेरस, शनिवार, रोग निवारण के लिए

श्री धन्वंतरी जी की आरती (जय धन्वंतरी देवा)

जय धन्वंतरी देवा, जय धन्वंतरी जी देवा। जरा-रोग से पीड़ित, जन-जन सुख देवा॥ जय धन्वंतरी देवा॥

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🧘 ⏰ गुरुवार, गुरु पूर्णिमा, विवाह बाधा निवारण

श्री बृहस्पति देव की आरती (ॐ जय बृहस्पति देवा)

ॐ जय बृहस्पति देवा, जय बृहस्पति देवा। छिन छिन भोग लगाऊं, कदली फल मेवा॥ ॐ जय बृहस्पति देवा॥

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🌿 ⏰ तुलसी विवाह, कार्तिक मास, प्रतिदिन संध्या काल

श्री तुलसी जी की आरती (जय जय तुलसी माता)

जय जय तुलसी माता, सब जग की सुखदाता। वर देहु सुखदाता॥ ॐ जय तुलसी माता॥

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🌺 ⏰ शुक्रवार, 16 शुक्रवार व्रत

श्री संतोषी माता की आरती (जय संतोषी माता)

जय संतोषी माता, मैया जय संतोषी माता। अपने सेवक जन को, सुख संपति दाता॥ ॐ जय संतोषी माता॥

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⚡ ⏰ काली पूजा, दिवाली, शनिवार, नवरात्रि

श्री काली माता की आरती (मंगल की सेवा सुन मेरी देवा)

मंगल की सेवा सुन मेरी देवा, हाथ जोड़ तेरे द्वार खड़े। पान सुपारी ध्वजा नारियल, ले ज्वाला तेरी भेंट धरे॥

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🔱 ⏰ कालाष्टमी, रविवार, मंगलवार, रात्रि समय

श्री भैरव जी की आरती (जय भैरव देवा)

जय भैरव देवा, प्रभु जय भैरव देवा। सुर नर मुनि सब सेवत, निशिदिन करि सेवा॥ ॐ जय भैरव देवा॥

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🌊 ⏰ गंगा दशहरा, पूर्णिमा, प्रतिदिन संध्या काल

श्री गंगा माता की आरती (ॐ जय गंगे माता)

ॐ जय गंगे माता, मैया जय गंगे माता। जो नर तुमको ध्यावत, मनवांछित फल पाता॥ ॐ जय गंगे माता॥

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🦚 ⏰ फाल्गुन मेला, एकादशी, शनिवार, संकट समय

श्री खाटू श्याम जी की आरती (ॐ जय श्री श्याम हरे)

ॐ जय श्री श्याम हरे, बाबा जय श्री श्याम हरे। खाटू धाम विराजे, भक्तन कष्ट हरे॥ ॐ जय श्री श्याम हरे॥

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🌸 ⏰ राधा अष्टमी, शुक्रवार, पूर्णिमा

श्री राधा जी की आरती (आरती श्री वृषभानुसुता की)

आरती श्री वृषभानुसुता की, मंजुल मूर्ति प्रेम सुधा की॥

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🪔 ⏰ पूर्णिमा, गुरुवार, संक्रांति, व्रत व कथा उपरांत

श्री सत्यनारायण जी की आरती (जय लक्ष्मी रमणा)

जय लक्ष्मी रमणा, स्वामी जय लक्ष्मी रमणा। सत्यनारायण स्वामी, जन पातक हरणा॥ ॐ जय लक्ष्मी रमणा॥

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🔥 ⏰ नवरात्रि, शुक्रवार, मंगला आरती

माँ अम्बे की आरती (अम्बे तू है जगदम्बे काली)

अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली। तेरे ही गुण गावें भारती, ओ मैया हम सब उतारें तेरी आरती॥

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🦚 ⏰ हरियाली तीज, जन्माष्टमी, बिहार पंचमी, संध्या

श्री बांके बिहारी जी की आरती (श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं)

श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं, हे श्याम सुंदर तेरी आरती गाऊं॥

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🪐 ⏰ शनिवार, रविवार, ग्रहण उपरांत, नवग्रह शांति पूजा

श्री नवग्रह आरती (ब्रह्मा मुरारी त्रिपुरांतकारी)

ब्रह्मा मुरारी त्रिपुरांतकारी भानुः शशी भूमिसुतो बुधश्च। गुरुश्च शुक्रः शनि राहु केतवः सर्वे ग्रहाः शांतिकरा भवंतु॥

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📖 ⏰ रामायण पाठ समापन, नवाह्न परायण, अखंड रामायण

श्री रामायण जी की आरती (आरती श्री रामायण जी की)

आरती श्री रामायण जी की, कीरति कलित ललित सिय-पी की॥

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