भवान्यष्टकम् || भवानी अष्टकम || Bhavani Ashtakam ( Na Tato Na Mata )

Bhavanyashtakam  न तातो न माता न बन्धुर्न दाता, न पुत्रो न पुत्री न भृत्यो न भर्ता। न जाया न विद्या न वृत्तिर्ममैव, गतिस्त्वं गतिस्त्वं त्वमेका भवानि।।1।।  भवाब्धावपारे महादु:खभीरु:, पपात प्रकामी प्रलोभी प्रमत्त:। कुसंसार-पाश-प्रबद्ध: सदाSहं, गतिस्त्वं गतिस्त्वं त्वमेका भवानि।।2।।  न जानामि दानं न च ध्यान-योगं, न जानामि तन्त्रं न च स्तोत्र-मन्त्रम्। न जानामि पूजां न च … Read more