गौरा भांग में घोटा लइये -gora bhang me ghota laiye

रै गौरा भांग में घोटा लइये भोले का मौसम तू बनवइये भोले मैं पीहर जारी हूं खूब नंदी से घुटवइये ओ गौरा रानी क्या परेशानी म्हारे साथ में रहिये छोड़ तनै मै पीहर जाऊं लौट कभी ना वापस आऊं अकेला पहाड़ों में रहिये ……………… बिना बात के गौरा रानी क्यूं करती हो झगड़ा बहुत घनी … Read more