श्री कार्तवीर्यार्जुन स्त्रोत | Kartavirya Arjuna Stotram

श्री कार्तवीर्यार्जुन स्त्रोत || Shri Kartavirya Arjuna Stotram || Kartavirya Arjuna Stotra   कार्तवीर्यार्जुनॊनाम राजाबाहुसहस्रवान्।   तस्यस्मरण मात्रॆण गतम् नष्टम् च लभ्यतॆ॥     कार्तवीर्यह:खलद्वॆशीकृत वीर्यॊसुतॊबली।   सहस्र बाहु:शत्रुघ्नॊ रक्तवास धनुर्धर:॥     रक्तगन्थॊ रक्तमाल्यॊ राजास्मर्तुरभीश्टद:।   द्वादशैतानि नामानि कातवीर्यस्य य: पठॆत्॥     सम्पदस्तत्र जायन्तॆ जनस्तत्रवशन्गतह:।   आनयत्याशु दूर्स्थम् क्षॆम लाभयुतम् प्रियम्॥     … Read more

राहु ग्रह कवच – Rahu Graha Kavacham

राहु ग्रह कवच – Rahu Graha Kavacham अथ राहुकवचम् अस्य श्रीराहुकवचस्तोत्रमंत्रस्य चंद्रमा ऋषिः । अनुष्टुप छन्दः । रां बीजं । नमः शक्तिः । स्वाहा कीलकम् । राहुप्रीत्यर्थं जपे विनियोगः ॥ प्रणमामि सदा राहुं शूर्पाकारं किरीटिन् ॥ सैन्हिकेयं करालास्यं लोकानाम भयप्रदम् ॥ १ ॥ निलांबरः शिरः पातु ललाटं लोकवन्दितः । चक्षुषी पातु मे राहुः श्रोत्रे त्वर्धशरीरवान् ॥ २ ॥ नासिकां मे धूम्रवर्णः शूलपाणिर्मुखं मम । जिव्हां मे सिंहिकासूनुः कंठं … Read more