श्री लक्ष्मी सूक्त || Shri Lakshmi Suktam

श्री लक्ष्मी सूक्त || Shri Lakshmi Suktam || Shri Laxmi Suktam श्री गणेशाय नमः । ॐ पद्मानने पद्मिनि पद्मपत्रे पद्मप्रिये पद्मदलायताक्षि । विश्वप्रिये विश्वमनोऽनुकूले त्वत्पादपद्मं मयि सन्निधत्स्व ॥ पद्मानने पद्मऊरु पद्माश्री पद्मसम्भवे । तन्मे भजसिं पद्माक्षि येन सौख्यं लभाम्यहम् ॥ अश्वदायै गोदायै धनदायै महाधने । धनं मे जुषतां देवि सर्वकामांश्च देहि मे ॥ पुत्रपौत्रं धनं … Read more

पुरुष सूक्तम || Purusha Suktam || Purusha Suktam with Hindi Meaning

Purusha Sukta सहस्रशीर्षा पुरुषः सहस्राक्षः सहस्रपात्।  स भूमिँसर्वतः स्पृत्वाऽत्यतिष्ठद्दशाङगुलम्।। जो सहस्रों सिरवाले, सहस्रों नेत्रवाले और सहस्रों चरणवाले विराट पुरुष हैं, वे सारे ब्रह्माँड को आवृत करके भी दस अंगुल शेष रहते हैं ।।1।। पुरुषऽएवेदँ सर्वं यद् भूतं यच्च भाव्यम्। उतामृतत्वस्येशानो यदन्नेनातिरोहति ।।2।। जो सृष्टि बन चुकी, जो बनने वाली है, यह सब विराट पुरुष ही … Read more

श्री सूक्त || Sri Suktam || Shree Suktam

श्री सूक्त || Sri Suktam || Sri Sukta || Shree Suktam || Shree Sukta ॐ हिरण्यवर्णाम हरिणीं सुवर्णरजतस्रजाम्। चन्द्रां हिरण्मयीं लक्ष्मीं जातवेदो म आवह॥१॥ तां म आवह जातवेदो लक्ष्मीमनपगामिनीम्। यस्यां हिरण्यं विन्देयं गामश्वं पुरुषानहम्॥२॥ अश्वपूर्वां रथमध्यां हस्तिनादप्रबोधिनीम्। श्रियं देवीमुपह्वये श्रीर्मादेवी जुषताम्॥३॥ कांसोस्मितां हिरण्यप्राकारां आद्रां ज्वलन्तीं तृप्तां तर्पयन्तीम्। पद्मेस्थितां पद्मवर्णां तामिहोपह्वयेश्रियम्॥४॥ चन्द्रां प्रभासां यशसा ज्वलन्तीं श्रियंलोके … Read more

सर्प सूक्त स्तोत्र || Sarpa Suktam Stotra

सर्प सूक्त स्तोत्र || Sarpa Suktam Stotra ब्रह्मलोकुषु ये सर्पा: शेषनाग पुरोगमा:।  नमोस्तुतेभ्य: सर्पेभ्य: सुप्रीता: मम सर्वदा ।। इन्द्रलोकेषु ये सर्पा: वासुकि प्रमुखादय:।  नमोस्तुतेभ्य: सर्पेभ्य: सुप्रीता: मम सर्वदा ।। कद्रवेयाश्च ये सर्पा: मातृभक्ति परायणा।  नमोस्तुतेभ्य: सर्पेभ्य: सुप्रीता: मम सर्वदा ।। इंद्रलोकेषु ये सर्पा: तक्षका प्रमुखादय:।  नमोस्तुतेभ्य: सर्पेभ्य: सुप्रीता: मम सर्वदा ।। सत्यलोकेषु ये सर्पा: वासुकिना … Read more