पीला दे भंगियाँ गोरा आज-peela de bhangiya gora aaj

बारिश हो रही मंदी मंदी पुरवा चल रही ठंडी ठंडी है मोसम काफी मस्त मिजाज पीला दे भंगियाँ गोरा आज घोटट तेरी भंगियाँ पड़ गए छाले गीसी उंगलियाँ हुए है घ्याल दोनों हाथ ना घोटू भंगियाँ भोले नाथ तोला बना दे घोट घाट के काजू पिस्ता ढाल छांट के तुझसे नाता तोड़ ताड़ के पीहर … Read more