Maa Brahmacharini Ki Aarti || माँ ब्रह्मचारिणी की आरती ||

  जय अंबे ब्रह्माचारिणी माता। जय चतुरानन प्रिय सुख दाता।  ब्रह्मा जी के मन भाती हो। ज्ञान सभी को सिखलाती हो। ब्रह्मा मंत्र है जाप तुम्हारा। जिसको जपे सकल संसारा। जय गायत्री वेद की माता। जो मन निस दिन तुम्हें ध्याता। Read Also : Maa Brahmacharini Devi Stotra कमी कोई रहने न पाए। कोई भी … Read more

विवाह के लिए मंत्र || Vivah Ke Liye Mantra || Maa Gauri Mantra

1. Vivah Ke Liye Mantra  ॐ कात्यायनि महामाये महायोगिन्यधीस्वरि । नन्दगोपसुतं देवि पतिं मे कुरु ते नमः ।। Om Katyayani Mahamaye Mahayoginyadhisvari | Nandgopasut Devi Patim Me Kuru Te Namah || 2. Vivah Hetu Mantra – Gauri Shankar Mantra हे गौरी शंकरार्धांगि । यथा त्वं शंकरप्रिया ।| तथा माँ कुरु कल्याणि । कान्त कांता सुदुर्लभाम्।। … Read more

माता कात्यायनी के मंत्र || Mata Katyayani Mantras

1. Maa Katyayani Mantra  कात्यायनि महामाये महायोगिन्यधीश्वरि । नन्द गोपसुतं देविपतिं मे कुरु ते नमः ॥ Katyayani Mahamaye Mahayoginyadheeshwari | Nandgopsutam Devipatim Me Kuru te Namah ||  2. Katyayani Mantra  ।।ॐ ह्रीं कात्यायन्यै स्वाहा ।। ।। ह्रीं श्रीं कात्यायन्यै स्वाहा ।। ||Om Hring Katyaynyai Swaha || || Hring Shring Katyaynyai Swaha ||

माता ब्रह्मचारिणी देवी कवच || Brahmacharini Kavacham

माता ब्रह्मचारिणी देवी कवच || Mata Brahmacharini Devi Kavach || Brahmacharini Kavacham ॥ कवच ॥ त्रिपुरा में हृदयेपातुललाटेपातुशंकरभामिनी। अर्पणासदापातुनेत्रोअर्धरोचकपोलो॥ पंचदशीकण्ठेपातुमध्यदेशेपातुमहेश्वरी॥ षोडशीसदापातुनाभोगृहोचपादयो। अंग प्रत्यंग सतत पातुब्रह्मचारिणी॥ Brahmacharini Kavacham

माता सिद्धिदात्री देवी कवच || Mata Siddhidatri Devi Kavach ||

माता सिद्धिदात्री देवी कवच || Mata Siddhidatri Devi Kavach ||  ।। कवच ।। ओंकार: पातुशीर्षोमां, ऐं बीजंमां हृदयो । हीं बीजंसदापातुनभोगृहोचपादयो ॥ ललाट कर्णोश्रींबीजंपातुक्लींबीजंमां नेत्र घ्राणो । कपोल चिबुकोहसौ:पातुजगत्प्रसूत्यैमां सर्व वदनो ॥ Maa Siddhidatri Devi Kavach

माता कात्यायनी देवी कवच || Katyayani Devi Kavach ||

माता कात्यायनी देवी कवच ||  Katyayani Devi Kavach || ॥ कवच ॥ कात्यायनौमुख पातुकां कां स्वाहास्वरूपणी। ललाटेविजया पातुपातुमालिनी नित्य संदरी॥ कल्याणी हृदयंपातुजया भगमालिनी॥ Katyayani Devi Kavacham

माता कालरात्रि देवी कवच | Mata Kaalratri Kavach

माता कालरात्रि देवी कवच || Mata Kaalratri Devi Kavach || Mata Kaalratri Kavach ।।  कवच ।। ॐ क्लींमें हदयंपातुपादौश्रींकालरात्रि। ललाटेसततंपातुदुष्टग्रहनिवारिणी॥ रसनांपातुकौमारी भैरवी चक्षुणोर्मम कहौपृष्ठेमहेशानीकर्णोशंकरभामिनी। वíजतानितुस्थानाभियानिचकवचेनहि। तानिसर्वाणिमें देवी सततंपातुस्तम्भिनी॥ Maa Kaalratri Kavacham

माता शैलपुत्री देवी कवच || Mata Shailputri Kavach ||

माता शैलपुत्री देवी कवच || Mata Shailputri  Kavach || ओमकार:में शिर: पातुमूलाधार निवासिनी। हींकार,पातुललाटेबीजरूपामहेश्वरी॥ श्रीकार:पातुवदनेलज्जारूपामहेश्वरी। हूंकार:पातुहृदयेतारिणी शक्ति स्वघृत॥ फट्कार:पातुसर्वागेसर्व सिद्धि फलप्रदा। Mata Shailputri Kavach

Skandmata Devi Kavach -स्कंदमाता देवी कवच

 स्कंदमाता देवी कवच –  Skandmata Devi Kavach !! कवच !! ऐं बीजालिंकादेवी पदयुग्मधरापरा। हृदयंपातुसा देवी कातिकययुता॥ श्रींहीं हुं ऐं देवी पूर्वस्यांपातुसर्वदा। सर्वाग में सदा पातुस्कन्धमातापुत्रप्रदा॥ वाणवाणामृतेहुं फट् बीज समन्विता। उत्तरस्यातथाग्नेचवारूणेनेत्रतेअवतु॥ इन्द्राणी भैरवी चैवासितांगीचसंहारिणी। सर्वदापातुमां देवी चान्यान्यासुहि दिक्षवै॥ Skandmata Kavach

माता कुष्मांडा देवी कवच -Kushmanda Devi Kavach

माता कुष्मांडा देवी कवच -Kushmanda Devi Kavach !! कवच !! हसरै मे शिर: पातु कूष्माण्डे भवनाशिनीम्। हसलकरीं नेत्रथ, हसरौश्च ललाटकम्॥ कौमारी पातु सर्वगात्रे वाराही उत्तरे तथा। पूर्वे पातु वैष्णवी इन्द्राणी दक्षिणे मम। दिग्दिध सर्वत्रैव कूं बीजं सर्वदावतु॥ Kushmanda Devi Raksha Kavacham