मंगल वैदिक मंत्र 

“ऊँ अग्निमूर्धादिव: ककुत्पति: पृथिव्यअयम। अपा रेता सिजिन्नवति ।
 
 

मंगल तांत्रिक मंत्र 

 
ऊँ हां हंस: खं ख:
ऊँ हूं श्रीं मंगलाय नम:
ऊँ क्रां क्रीं क्रौं स: भौमाय नम:

 

मंगल एकाक्षरी बीज मंत्र

ऊँ अं अंगारकाय नम:
ऊँ भौं भौमाय नम:मंगल का पौराणिक मंत्र ||
 

मंगल ग्रह के पौराणिक मंत्र

 
ऊँ धरणीगर्भसंभूतं विद्युतकान्तिसमप्रभम । कुमारं शक्तिहस्तं तं मंगलं प्रणमाम्यहम ।।
 

मंगल गायत्री मंत्र 

 
“ॐ अंगारकाय विद्महे शक्ति हस्ताय धीमहि, तन्नो भौमः प्रचोदयात्” ।।

 

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मंगल ग्रह के मंत्र | Mangal Grah Ke Mantra | Mangal Shanti Mantra
मंगल ग्रह के मंत्र
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