माँ काली स्तुति 

 
शव पर सवार
 
शमशान वासिनी भयंकरा
 
विकराल दन्तावली,
 
त्रिनेत्रा हाथ में लिये खडग
 
और कटा सिर
 
दिगम्बरा
 
अट्टहास करती माँ काली
 
जय माँ काली
 
मुक्तकेशी लपलपाती जिहवा वाली
 
 
दे रही अभय वरदान हमेशा
 
चार बाहों वाली
 
जय माँ काली
 
आओ करें हम ध्यान उनका
 
सृजन करनेवाली
 
सब कुछ देनेवाली
 
माँ काली
 
जय माँ काली

माँ काली स्तुति के लाभ

  • माँ काली जी की स्तुति करने मात्र से ही शत्रुओ का नाश हो जाता है और किसी भी भय से मुक्ति मिलती है
  • माँ काली जी की स्तुति करने से जादू टोनो का असर खत्म हो जाता है
  • माँ काली स्तुति रात के समय करनी चाहिए
  • माँ काली की पूजा और स्तुति का आंरभ शुक्रवार रात से ही शुरू कर देना चाहिए
  • माँ काली की पूजा आरम्भ करने से पहले गणेश जी का आवाह्न अवश्य करना चाहिए

माँ काली स्तुति करने की विधि

  • स्नान करके गुलाबी या लाल रंग के कपड़े पहनेें।
  • घर के मंदिर को साफ़ करे
  • अब काली माता के प्रतिमा के सामने बैठ जाये
  • फिर एक चौकी ले उस पर लाल कपडा बिछाये
  • सबसे पहले गणेश जी का आवाह्न करे गणेदश जी की भी प्रतिमा रखे यदि गणेश जिकी प्रतिमा नहींहै तोह जायफल पर लाल डोरी बांड कर गणेश जी का ध्यान करे और उनकी पूजा करे
  • फिर माँ काली को लाल चुनरी चढ़ाये लाल सिंदूर का तिलक लगाए
  • काली माता के आगे सरसो के तेल का दीपक जलाये
  • फिर माँ काली की पूजा आरम्भ करे
माँ काली स्तुति, Kali Stuti
माँ काली स्तुति

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FAQ’S

  1. मां काली का की पूजा किस दिन करनी चाहिए?

    मां काली की पूजा शुक्रवार रात्रि से आरम्भ कर देनी चाहिए वैसे तो माँ काली का दिन शनिवार है

  2. काली माता को खुश करने का क्या उपाय है?

    काली माता को खुश करने के लिए उनकी पूजा आराधना करनी चाहिए उनके आगे सरसो के तेल का दीपक जलना चाहिए

  3. काली माता को क्या भोग लगाना चाहिए?

    शनिवार के दिन अपने घर में काले चने ,हलवा और पूरी का प्रशाद बनाकर काली माता को भोग लगाना चाहिए


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