राधा कृष्ण होली शायरी Radhe Krishna Holi Message

मथुरा की खुशबू
गोकल का हार
वृन्दावन की सुगंध
बरसान का प्यार
मुबारक हो आपको होली का त्यौहार

 



राधा की हृदय में श्री कृष्ण,
राधा की साँसों में श्री कृष्ण,
राधा में ही हैं श्री कृष्ण,
इसीलिए दुनिया कहती हैं
राधे-कृष्ण राधे-कृष्ण

 

हे कान्हा जिंदगी लहर थी
आप साहिल हुए न जाने कैसे
हम आपके काबिल हुए
न भूलेंगे हम उस हसीन पल को
जब आप हमारी छोटी सी
जिंदगी में शामिल हुए

 


 
मटकी तोड़े, माखन खाए फिर भी सबके मन को भाये,
राधा के वो प्यारे मोहन,महिमा उनकी दुनिया गाये…!!
 

 


कर भरोसा राधे नाम का
धोखा कभी न खायेगा….
हर मौके पर कृष्ण
तेरे घर सबसे पहले आयेगा 
जय श्री राधेकृष्ण…!!

 


राधा का रंग और
कन्हैया की पिचकारी
प्यार के रंग से
रंग दो ये दुनिया सारी
यह रंग ना जाने
कोई जाति ना कोई भाषा
मुबारक हो आपको रंगों भरी
होली की हार्दिक शुभकामनाएं

 


आज है होली मेरे गिरिधर
रंग लो मुझे अपने प्यार में
डूब जाऊं कुछ ऐसे तुझ में
कोई देख ना पाए इस संसार में
होली की शुभकामनाएं
जय श्री राधा कृष्णा!!!!

 

radha krishna holi sandesh राधा कृष्ण होली

 


नन्दलाल की मोहनी सूरत दिल में बसा रखे हैं,
अपने जीवन को उन्ही की भक्ति लगा रखे हैं,
एक बार बाँसुरी की मधुर तान सुनादे कान्हा,
एक छोटी से आस लगा रखे हैं ||

 


कान्हा तुम मुझे बासुरी बजाना सिखा दो
जिस तरह से तुम बासुरी से राधा राधा नाम
पुकारते हो उसी तरह मुझे भी
बासुरी से कान्हा कान्हा कहना सिखा दो

 


 
जानते हो कृष्ण,
क्युं तुम पर हमें गुरुर हैं?
क्युंकि तुम्हारे होने से हमारी ज़िन्दगी मे नूर है.
जिया श्री राधे कृष्ण…!!

 


 
जिस पर राधा को मान हैं,
जिस पर राधा को गुमान हैं,
यह वही कृष्ण हैं जो राधा
के दिल हर जगह विराजमान हैं.

 


राधा जी बोली श्री कृष्ण से. 
एक शर्त पे खेलूंगी प्यार की होली, 
जीतू तो तुझे पाऊं… और.. हारू तो तेरी हो जाऊ.
 

पूर्णिमा का चाँद, रंगो की डोली,
चाँद से उसकी, चांदनी बोली,
खुशियों से भरे, आपकी झोली,
मुबारक हो आपको, रंग-बिरंगी होली !!

 


Radha Krishna Holi Message, Radhe Krishna Holi Shayari राधा कृष्ण होली

 

राधा के रंग और कन्हैया की पिचकारी,
प्यार के रंग से रंग दो दुनिया सारी..
ये रंग ना जाने कोई मजहब न बोली
मुबारक हो तुम रंग भरी होली ..

 


कान्हा को राधा ने प्यार का पैगाम लिखा
पूरे खत में सिर्फ कान्हा-कान्हा नाम लिखा.
होली की हार्दिक शुभकामनाएं

 


ज़माने से नहीं हम तन्हाई से डरते है
प्यार से नहीं हम रुस्वाई से डरते है
दिल में उमंग है तुम्हे मिलने की
पर मिलने के बाद आने वाली
जुदाई से डरते है
जय श्री राधा कृष्णा

सब दुःख दूर होये , जब तेरा नाम लिया
नंदलाल नंदलाल.नंदलाल नंदलाल नंदलाल
मीरा पुकारी जब गिरिधर गोपाल
मिल गया विष में , अमृत का प्याला
मिटाये कौन उसे जिसे तूने अपना लिया
नैनो में श्याम बसा लिया
सुध बिसराही गयी मुरली की दूँ प्यारी
मेरे मान मंदिर में रास रचा पियारा|| 

 


 
सुनो कन्या जहाँ से तेरा मन करे
मेरी ज़िन्दगी को पड़ लो पन्ना चाहे
कोईं भी खोलो हर पन्ने पर
तेरा नाम होगा मेरे कान्हा||

 
जब तू सहायता मागते हो
और जब तुझे सहायता मिलती भी है
तब समझ लेना वह सहायता कही
और से नहीं तुम्हे भीतर से ही मिलती है
क्यों की मैं और कही नहीं
तुम्हारे भीतर ही हूँ,

 

जय राधे कृष्णा जय राधे कृष्णा|| 

 
झुकी झुकी पलकें हैं चेहरे पे कितना नूर है
ज़ालिम की सादगी में भी देखो
यारों कितना गुरूर है
राधा कृष्णा राधा कृष्णा

 
प्यार का पहला
इश्क का दूसरा
और मोहब्बत का तीसरा
अक्षर अधूरा होता है
हम कृष्णा दीवाने है
क्यों की दीवानों का
हर अक्षर पूरा होता है।

वो जमुना तट फेरे लगाये,
गोपियों के संग रास रचाये,
जिसकी दीवानी है,
ब्रिज की हर बाला,
वो कृष्णा है।

 


 
radha krishna holi quotes in hindi
 
राधा की चाहत है कृष्णा,
उसके दिल की विरासत है कृष्णा,
चाहे कितना भी रास रचा ले कृष्णा,
दुनिया तो फिर भी यही कहती है,
की राधा के बिना अधुरा है कृष्णा….

 
ओ कान्हा मार दे मुझ पर पिचकारी की धार
 
कर दे मुझ पर तू प्यार के गुलाल की बोछार
 
कर दे सराबोर पूरा मेरे तन-बदन को ऐसे 
 
भीग जाए मेरा तन-मन सूखी जमीन के जैसे.
 
तेरे मेरे बीच कान्हा जो गुजर गयी रातें  
जो गुजर गयी रातें 
 
आ उनको फिर से इक बार जगा लें 
बिसर गयी जो बातें 
 
आ उनको फिर से याद में बुला लें.
 
मैं हूँ तेरी प्रेम दीवानी कान्हा 
 
लोग कहते तू है मेरा दीवाना 
 
तुझ पर निहाल मैं तुझ पर निछावर 
 
प्रेमी बावला तुझको कहे सब 
 
पर तू तो है मेरा सांवरा सयाना.
 
आज है होली मेरे गिरधर 
 
रंग ले मुझे अपने प्यार में
 
डूब जून कुछ ऐसे तुझमे 
 
कोई देख ना पाए संसार में.
 
जब भी तेरी सूरत देखूं बन्सीवाले 
 
जिन्दगी मेरी मुस्कुराने लगी है 
 
ये मेरी दीवानगी है या प्रेम की इन्तहा 
 
हर तरफ तेरी सूरत नजर आने लगी है.
 
हो रही सब और रंगों की बोछार
 
पड़ने लगी चहुँ और गुलाल की फुहार 
 
चन्दन की खुसबू जैसे तेरा प्यार 
 
मुबारक हो कान्हा तुझे होली का त्योंहार.

 


ओ मेरी राधा रानी लाया सातों रंग तेरे लिए 
लाल रंग- तेरे गालों के लिए 
काला रंग- तेरे बालों के लिए 
पीला रंग- तेरे हाथों के लिए 
नीला रंग- तेरी आँखों के लिए
सफ़ेद रंग- तेरे मन के लिए 
गुलाबी रंग-तेरे सपनों के लिए 
हरा रंग- तेरे जीवन के लिए 
ये सात रंग तेरे उपर वार दूँ 
आ में तुझे हाथों से संवार दूँ 
तेरे होठों को अपना नाम दूँ 
तेरे तन-मन को इतना प्यार दूँ.
राधे मेरे नैना तुझसे लड़ गए 
मैं तुझमे तू मुझमे बस गए 
दो जिस्म और इक जान हम बन गए 
तू और मैं बस इक आत्मा रह गए. 

आई रुत फागुन की चहुँ और 
उड़े है गुलाल चहुँ और 
आजा अब तो राधे खेलें होली 
आ भी जा भिगो दूँ तेरी चोली. 
कान्हा तू तो है चाहत मेरी 
तुझसे ही दिल में राहत मेरी 
रास रचा ले सजना कितना भी 
सब कहते राधा तो है बस तेरी. 
आज कान्हा रात भर ना मैं सोई 
कर दे मुझे तू प्यार से निहाल 
तेरे ही सपनों में रात भर खोई 
तुझ बिन तो हुआ मेरा बड़ा बेहाल.

राधा के सच्चे प्रेम का यह ईनाम हैं,
कान्हा से पहले लोग लेते राधा का नाम हैं।

कान्हा को राधा ने प्यार का पैगाम लिखा,
पुरे खत में सिर्फ कान्हा कान्हा नाम लिखा।
 

प्रेम की भाषा बड़ी आसान होती हैं,
राधा-कृष्ण की प्रेम कहानी ये पैगाम देती हैं।
 

 
कितने सुंदर नैन तेरे ओ राधा प्यारी,
इन नैनों में खो गये मेरे बांकेबिहारी।

 


 
कान्हा तुझे ख्वाबों में पाकर दिल खो ही जाता हैं
खुदको जितना भी रोक लू, प्यार हो ही जाता हैं।

 


 
हे कान्हा, तुम संग बीते वक़्त का मैं कोई हिसाब नहीं रखती
मैं बस लम्हे जीती हूँ, इसके आगे कोई ख्वाब नहीं रखती।
 

 


radha krishna romantic quotes
 
कर्तव्य पथ पर जाते-जाते केशव गये थे रूक,
देख दशा राधा रानी, ब्रम्हा भी गये थे झुक।

 


 
अब तो आँखों से भी जलन होती हैं मुझे ए कान्हा,
खूकि हो तो तलाश तेरी और बंद हो तो ख्वाब तेरे।

 


 
राधा-राधा जपने से हो जाएगा तेरा उद्धार,
क्योंकि यही वही वो नाम हैं जिससे कृष्ण को हैं प्यार।

 


अगर तुमने राधा के कृष्ण के प्रति समर्पण को जान लिया,
तो तुमने प्यार को सच्चे अर्थों में जान लिया।

 


हर पल, हर दिन कहता हैं कान्हा का मन
तू कर ले पल-पल राधा का सुमिरन।

 


पर्दा ना कर पुजारी दिखने दे राधा प्यारी ,
मेरे पास वक्त कम हैं, और बाते हैं ढेर सारी।

 


हे कान्हा, तुम्हे पाना जरूरी तो नहीं,
तुम्हारा हो जाना ही काफी हैं मेरे लिए।

 


मटकी तोड़े, माखन खाए फिर भी सबके मन को भाये,
राधा के वो प्यारे मोहन, महिमा उनकी दुनिया गाये।

राधे राधे बोल, श्याम भागे चले आएंगे,
एक बार आ गए तो कभी नहीं जायेंगे।

सांवरे तेरी मोहब्बत को, नया अंजाम देने की तैयारी हैं,
कल तक मीरा दीवानी थी, आज मेरी बारी हैं।

 


राधे-राधे जपो चले आएंगे बिहारी,
आएंगे बिहारी चले आएंगे बिहारी।
 

 
हर पल आंखों में पानी हैं क्योंकि चाहत में रुहानी हैं
मैं हूँ तुझसे, तू हैं मुझसे, अपनी बस यही कहानी हैं।

 


राधा की कृपा, कृष्णा की कृपा, जिस पर हो जाए,
भगवान को पाए, मौज उड़ाए, सब सुख पाए।

 


सच्ची मोहब्बत का अंजाम अगर निकाह होता,
तो रुक्मणि की जगह राधा का स्थान होता।

 


 
चारों तरफ फैल रही हैं, इनके प्यार की खुशबू थोड़ी-थोड़ी
कितनी प्यारी लग रही हैं, साँवरे-गोरी की यह जोड़ी।।

कर भरोसा राधे नाम का धोखा कभी ना खायेगा,
हर मौके पर कृष्ण तेरे घर सबसे पहले आयेगा।

मधुवन में भले ही कान्हा किसी गोपी से मिले,
मन में तो राधा के ही प्रेम के हैं फूल खिले।

दे के दर्शन कर दो पूरी प्रभु मेरे मन की तृष्णा
कब तक तेरी राह निहारूं, अब तो आओ कृष्णा।

मन, तू अब कोई तप कर ले,
एक पल में सौ-सौ बार राधे कृष्ण नाम का जप कर ले।

सुनो कन्हैया जहाँ से तेरा मन करे, मेरी जिन्दगी को पड़ लो पन्ना चाहे,
कोईं भी खोलो हर पन्ने पर तेरा नाम होगा मेरे कान्हा।।

एक तुम्हारे ख्याल में हमने
ना जाने कितने ख्याल छोड़े हैं सांवरिया।।

 


जिस पर राधा को मान हैं, जिस पर राधा को गुमान हैं,
यह वही कृष्ण हैं, जो राधा के साथ हर जगह विराजमान हैं।

 


रंग बदलती दुनियाँ देखी, देखा जग व्यवहार,
दिल टूटा तब मन को भाया ठाकुर तेरा दरबार।

 


 राधा ने श्री कृष्णा से पूछा, प्यार का असली मतलब क्या होता हैं,
श्री कृष्णा ने हँस कर कहा, जहाँ मतलब होता हैं वहां प्यार ही कहाँ होता हैं।

प्यार दो आत्माओं का मिलन होता हैं,
ठीक वैसे हीं जैसे प्यार में कृष्ण का नाम राधा और राधा का नाम कृष्ण होता हैं।

 कृष्ण ने राधा से पूछा ऐसी एक जगह बताओ, जहाँ में नहीं हूँ,
राधा ने मुस्कुरा के कहा, बस मेरे नसीब में।

 प्यार सबको आजमाता हैं,
सोलह हज़ार एक सौ आठ रानियों से मिलने वाला श्याम, एक राधा को तरस जाता हैं।

 


 
राधा ने किसी और की तरफ देखा हीं नहीं, जब से वो कृष्ण के प्यार में खो गई,
कान्हा के प्यार में पड़कर, वो खुद प्यार की परिभाषा हो गई।

 


बैकुंठ में भी ना मिले जो वो सुख कान्हा तेरे वृंदावन धाम में हैं,
कितनी भी बड़ी विपदा हो चाहे समाधान तो बस श्री राधे तेरे नाम में हैं।

 


राधा कहती हैं दुनियावालों से, तुम्हारे और मेरे प्यार में बस इतना अंतर हैं,
प्यार में पड़कर तुमने अपना सबकुछ खो दिया, और मैंने खुद को खोकर सबकुछ पा लिया।

 


मुझको मालूम नहीं अगला जन्म हैं की नहीं, ये जन्म प्यार में गुजरे ये दुआ मांगी हैं,
और कुछ मुझे जमाने से मिले या ना मिले, ए मेरे कान्हा तेरी मोहब्बत ही सदा मांगी हैं।

 


राधा की चाहत हैं कृष्ण, उसके दिल की विरासत हैं कृष्ण,
चाहे कितना भी रास रचा ले कृष्ण दुनिया तो फिर भी यही कहती हैं राधे कृष्ण राधे कृष्ण।
 
 

 

Radhe Krishna love message राधा कृष्ण होली Radha Krishna Holi Shayari | राधा कृष्ण होली शायरी | राधा कृष्ण होली गीत
 

 

हर शाम किसी के लिए सुहानी नही होती, हर प्यार के पीछे कोई कहानी नही होती,
कुछ तो असर होता हैं दो आत्मा के मेल का, वरना गोरी राधा, सावले कान्हा की दीवानी ना होती।

 


अधुरा हैं मेरा इश्क तेरे नाम के बिना,
जैसे अधूरी हैं राधा श्याम के बिना। 

 


मुझे रिश्तों की लम्बी कतारों से क्या मतलब
कोई दिल से हो मेरा, तो एक कृष्ण ही काफ़ी हैं। 

 


पता नहीं मजाक था या प्यार का पैगाम लिखा था,
जब मैनें राधा और उसने श्याम लिखा था।

 


कृष्ण की प्रेम बाँसुरिया सुन भई वो प्रेम दिवानी,
जब-जब कान्हा मुरली बजाएँ दौड़ी आये राधा रानी।

 


 

राधा कृष्ण की होली के गीत Rahde Krishna Holi Song

 
होली के रंग रसखान के कृष्ण के संग
 
रसखान के कृष्ण का फाग क्या कोई साधारण
 
फाग होता था?
 
 
होरी भई के हरि भये लाल, कै लाल
 
के लागी पगी ब्रजबाला
 
फागुन लाग्यौ सखि जब तें तब तें
 
ब्रजमण्डल में धूम मच्यौ है।
 
नारि नवेली बचै नहिं एक बिसेख मरै
 
सब प्रेम अच्यौ है॥
 
 
सांझ सकारे वही रसखानि सुरंग
 
गुलालन खेल मच्यौ है।
 
को सजनी निलजी न भई अरु कौन
 
भटु जिहिं मान बच्यौ है॥
 

राधा कृष्णा होली भजन Radhe Krishna Holi Bhajan

राधा प्यारी वृषभान दुलारी,
जाने सभी नाम से,
होली खेले है कन्हैया – बलरामसे॥
 
सांवरिया के संग खेलूं मैं होली,
ओरे मेरे बारे रसिया।
तुम बिन राग – रंग न भाये,
मनमोहन प्यारे रसिया॥
 
छैल छबीले रंग-रंगीले,
गोवरधन गिरधारी।
जल्दी काहे को तूने मचाई,
रे ढीठ कन्हाइँ॥
रंग डाल तू आराम से,
होली खेले कन्हैया बलराम से॥
 
राधा प्यारी वृषभान दुलारी,
जाने सभी नाम से,
होली खेले है कन्हैया – बलरामसे॥
 
यमुना के तट वृंदावन में,
मधुबन के कुंज-कुंजन में।
उडत. अबीर गुलाल रे रोरी,
सुरमित चोजा चंदन में॥
 
रंग में बोरी बोरी, राधा गोरी
श्याम करे बरजोरी।
भर – भर मारे तू काहे पिचकारी,
रे कृष्ण मुरारी॥
बोलूं मैं घनश्याम से,
होली खेले कन्हैया बलराम से॥
 
राधा प्यारी वृषभान दुलारी,
जाने सभी नाम से,
होली खेले है कन्हैया – बलरामसे॥
 
वेणु बजाये, मन हर्षाये,
निकले तान सुरीली।
हिल मिलजुलके खेले सभी होली,
निकली है टोली।
बरसाने नंद ग्राम से,
होली खेले कन्हैया बलराम से॥
 
राधा प्यारी वृषभान दुलारी,
जाने सभी नाम से,
होली खेले है कन्हैया – बलरामसे॥
 
राधा प्यारी वृषभान दुलारी,
जाने सभी नाम से,
होली खेले है कन्हैया – बलरामसे॥
 

 

होली खेले नन्द लाल के बोले सारा रा रा  Holi Khele Nandlal ke 

 
राधा भी आई सखियाँ भी आई,
ग्वालन भी आये और गोपियाँ भी आई,
होली खेले नन्द लाल के बोले सारा रा रा.,
 
आया फागण रंग रंगीला रुत आई मस्तानी,
सांवरियां के संग में होली खेले राधा प्यारी,
कान्हा ने मारी भर पिचकारी भीगी चुनरी भीगी साडी,
राधा का किया बुरा हाल,के बोले सारा रा रा……
 
पीछे पीछे सखियाँ आगे आगे कन्हाई,
बोल रही है राधा रानी आई होली आई,
कान्हा को गेरा सखियों ने मिल कर,
मारी पिचकारी राधा ने कस कर के बोले सारा रा रा…..

 
Radha Krishna Holi Song

 

 

होली खेल रहे नंदलाल होली खेल रहे नंदलाल राधे – Holi Song

 
रंग बरसे रंग बरसे
रंग बरसे रंग बरसे
रंग बरसे रंग बरसे
रंग बरसे रंग बरसे
 
होली खेले राधा से नंदलाल
होली खेले ………….२
रंग बरसे रंग बरसे
रंग बरसे रंग बरसे
 
होली खेले राधा से नंदलाल
होली खेले ………….२
 
सोच रही राधा रानी
कैसे रंग श्याम को …२
काले को कैसे कर काला
है मतवाला नंदलाल
 
होली खेले राधा से नंदलाल
होली खेले ………….२
 
बोले कान्हा कैसे खेलु
राधा है रंगीली ….२
इसका तो रूप है निराला
रे मतवाला मतवाला
 
होली खेले राधा से नंदलाल
होली खेले ………….२
 
चंचल कन्हैया की
देखो चतुराई ….२
अपने ही रंग ब्रिज बल को
रंग डाला नन्द लाल
 
होली खेले राधा से नंदलाल
होली खेले ………….२
 
राधा ने होली
कान्हा से खेली …२
प्यार में ऐसा रंग डाला
नन्द लाल नन्द लाल
 
होली खेले राधा से नंदलाल
होली खेले ………….२
 
होली खेले राधा से नंदलाल
होली खेले ………….२
 

Leave a Comment

5 Shares
Share
Tweet
Share
Pin5