माँ छिन्नमस्ता स्तुति 

छिन्न्मस्ता करे वामे धार्यन्तीं स्व्मास्ताकम,
 
प्रसारितमुखिम भीमां लेलिहानाग्रजिव्हिकाम,
 
पिवंतीं रौधिरीं धारां निजकंठविनिर्गाताम, 
 
विकीर्णकेशपाशान्श्च नाना पुष्प समन्विताम,
 
 
दक्षिणे च करे कर्त्री मुण्डमालाविभूषिताम,
 
दिगम्बरीं महाघोरां प्रत्यालीढ़पदे स्थिताम,
 
अस्थिमालाधरां देवीं नागयज्ञो पवीतिनिम,
 
डाकिनीवर्णिनीयुक्तां वामदक्षिणयोगत: ||
 
Mata Chhinnamasta Stuti माँ छिन्नमस्ता स्तुति
 

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