श्री राधा कृपा कटाक्ष स्त्रोत्र | Shri Radha Kripa Kataksh Stotra Hindi Meaning

Radha Kripa Kataksh Stotram with Hindi Meaning

भगवान शिव द्वारा रचित और देवी पार्वती से बोली जाने वाली राधा कृपा कथा श्रीमती राधा रानी की एक बहुत शक्तिशाली प्रार्थना है। राधा चालीसा में कहा गया है कि जब तक राधा का नाम न लिया जाए, तब तक श्रीकृष्ण का प्रेम नहीं मिलता। राधा कृपा कटक्ष राधा रानी की दयालु पार्श्व दृष्टि के … Read more

नाग पूजा का स्तोत्र | Naag Puja Stotra

ब्रह्म लोके च ये सर्पाः शेषनागाः पुरोगमाः । नमोऽस्तु तेभ्यः सुप्रीताः प्रसन्नाः सन्तु मे सदा ॥१॥ विष्णु लोके च ये सर्पाः वासुकि प्रमुखाश्चये । नमोऽस्तु तेभ्यः सुप्रीताः प्रसन्नाः सन्तु मे सदा ॥२॥ रुद्र लोके च ये सर्पाः तक्षकः प्रमुखास्तथा । नमोऽस्तु तेभ्यः सुप्रीताः प्रसन्नाः सन्तु मे सदा ॥३॥ खाण्डवस्य तथा दाहे स्वर्गन्च ये च समाश्रिताः … Read more

Gopal Kavacham Stotra | Gopal kavach in Hindi

Gopal Kavacham in Hindi

नारद पंचरात्रा में श्री गोपाल कवचम स्तोत्र का उल्लेख किया गया है। श्री गोपाल कवचम को भगवान महादेव ने देवी पार्वती को बताया है। जो भक्त प्रतिदिन श्री गोपाल कवचम् का पाठ करता है, वह अपने सभी संकटों से मुक्त हो जाता है जो उसके शत्रुओं द्वारा बनाए गए बाधाओं पर जीत हासिल होती है … Read more

Devi Keelakam Stotram !! Kilak Stotram || कीलकस्तोत्रम् – शक्तिशाली दुर्गा मंत्र

Kilak Stotram    ॥ अथ कीलकम् ॥ ॐ अस्य श्रीकीलकमन्त्रस्य शिव ऋषिः,अनुष्टुप् छन्दः, श्रीमहासरस्वती देवता,श्रीजगदम्बाप्रीत्यर्थं सप्तशतीपाठाङ्गत्वेन जपे विनियोगः।   ॐ नमश्‍चण्डिकायै॥   मार्कण्डेय उवाच ॐ विशुद्धज्ञानदेहाय त्रिवेदीदिव्यचक्षुषे। श्रेयःप्राप्तिनिमित्ताय नमः सोमार्धधारिणे॥1॥   सर्वमेतद्विजानीयान्मन्त्राणामभिकीलकम्। सोऽपि क्षेममवाप्नोति सततं जाप्यतत्परः॥2॥   सिद्ध्यन्त्युच्चाटनादीनि वस्तूनि सकलान्यपि। एतेन स्तुवतां देवी स्तोत्रमात्रेण सिद्ध्यति॥3॥   न मन्त्रो नौषधं तत्र न किञ्चिदपि विद्यते। विना जाप्येन … Read more

Durga Saptashati Argala Stotram in Hindi || दुर्गा सप्तशती अर्गला स्तोत्रम

 ॥ अथार्गलास्तोत्रम् ॥ ॐ अस्य श्रीअर्गलास्तोत्रमन्त्रस्य विष्णुर्ऋषिः,अनुष्टुप् छन्दः, श्रीमहालक्ष्मीर्देवता, श्रीजगदम्बाप्रीतयेसप्तशतीपाठाङ्गत्वेन जपे विनियोगः॥   ॐ नमश्‍चण्डिकायै॥   मार्कण्डेय उवाच ॐ जयन्ती मङ्गला काली भद्रकाली कपालिनी। दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तु ते॥1॥   जय त्वं देवि चामुण्डे जय भूतार्तिहारिणि। जय सर्वगते देवि कालरात्रि नमोऽस्तु ते॥2॥   मधुकैटभविद्राविविधातृवरदे नमः। रुपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो … Read more

पार्वती मंगल पाठ || Parvati Mangal Path

 पार्वती मंगल पाठ – Parvati Mangal Stotra बिनइ गुरहि गुनिगनहि गिरिहि गननाथहि । ह्रदयँ आनि सिय राम धरे धनु भाथहि ।।1।। गावउँ गौरि गिरीस बिबाह सुहावन । पाप नसावन पावन मुनि मन भावन ।।2।। कबित रीति नहिं जानउँ कबि न कहावउँ । संकर चरित सुसरित मनहि अन्हवावउँ ।।3।। पर अपबाद-बिबाद-बिदूषित बानिहि । पावन करौं सो … Read more

Shri Swarnakarshana Bhairava Stotram !! श्री स्वर्णाकर्षण भैरव स्तोत्र

 श्री स्वर्णाकर्षण भैरव स्तोत्र – Swarnakarshana Bhairava Stotra   । श्री मार्कण्डेय उवाच ।।    भगवन् ! प्रमथाधीश ! शिव-तुल्य-पराक्रम !  पूर्वमुक्तस्त्वया मन्त्रं, भैरवस्य महात्मनः ।।  इदानीं श्रोतुमिच्छामि, तस्य स्तोत्रमनुत्तमं ।  तत् केनोक्तं पुरा स्तोत्रं, पठनात्तस्य किं फलम् ।।  तत् सर्वं श्रोतुमिच्छामि, ब्रूहि मे नन्दिकेश्वर ! ।।      ।। श्री नन्दिकेश्वर उवाच ।।  इदं ब्रह्मन् … Read more

Shiva Bilvashtakam Stotram || श्री शिव बिल्वाष्टकम

 श्री शिव बिल्वाष्टकम  ” बिल्वाष्टकम् में बेल पत्र (बिल्व पत्र) के गुणों के साथ-साथ भगवान शंकर का उसके प्रति प्रेम भी बताया गया है “ त्रिदलं त्रिगुणाकारं त्रिनॆत्रं च त्रियायुधं त्रिजन्म पापसंहारम् ऎकबिल्वं शिवार्पणं त्रिशाखैः बिल्वपत्रैश्च अच्चिद्रैः कॊमलैः शुभैः तवपूजां करिष्यामि ऎकबिल्वं शिवार्पणं कॊटि कन्या महादानं तिलपर्वत कॊटयः काञ्चनं क्षीलदानॆन ऎकबिल्वं शिवार्पणं काशीक्षॆत्र निवासं च … Read more

Shiv Vedsaar Stotram – शिव वेदसार स्तोत्र

 शिव पूजा की सरल विधि  प्रतिदिन सुबह जल्दी उठकर शिवलिंग पर जल, दूध,दही,घी  या पंचामृत स्नान के बाद सफेद फूल और श्रीफल अर्पित करें।  संध्या के समय भगवान शिव की पंचोपचार पूजा में बिल्वपत्र, धतूरा, आंकड़ा, अक्षत, सफेद एवं केसर चंदन तथा मिठाई का भोग लगाएं और मंत्र स्तुति का पाठ कर प्रसाद ग्रहण करें। … Read more

मीनाक्षी पञ्चरत्नम् || Meenakshi Pancharatnam Stotram

 श्री मीनाक्षी पञ्चरत्नम् स्तोत्रम ( Meenakshi Pancharatnam Stotram ) के रचियता श्री शंकराचार्य जी हैं ! श्री मीनाक्षी देवी जी माँ लक्ष्मी ( Lakshmi Mata ) जी का ही स्वरुप माना जाता हैं और मीनाक्षी पञ्चरत्नम् का पाठ श्री मीनाक्षी देवी जी की पूजा अर्चना में किया जाता है !  उद्यद्भानुसहस्रकॊटिसदृशां कॆयूरहारॊज्ज्वलां बिम्बॊष्ठीं स्मितदन्तपङ्क्तिरुचिरां पीताम्बरालङ्कृताम् … Read more